प्रीमेंस्ट्रूअल सिंड्रोम (PMS)

मासिक धर्म महावारी या मेचुअल साइकिल यह शब्द उन सभी महिलाओं के लिए आम है जो अपनी युवा अवस्था के दौर में पहुंच गई है महावारी शुरू होने से कुछ दिन पूर्व मासिक धर्म सिंड्रोम की शिकायत आम बात है कभी कभी यह सामान्य होते हैं कभी कभी काफी दर्दनाक होती है.

मासिक धर्म महावारी या मेचुअल साइकिल यह शब्द उन सभी महिलाओं के लिए आम है जो अपनी युवा अवस्था के दौर में पहुंच गई है महावारी शुरू होने से कुछ दिन पूर्व मासिक धर्म सिंड्रोम की शिकायत आम बात है कभी कभी यह सामान्य होते हैं कभी कभी काफी दर्दनाक होती है.

प्रीमेंस्ट्रूअल सिंड्रोम क्या है ?

पीएमएस एक ऐसी समस्या है जो हर युवती में मासिक धर्म शुरू होने से पहले महसूस करते हैं इस दौरान महिलाओं को शारीरिक कमजोरी या  भावनात्मक रूप से भी कमजोरी महसूस होती है. महावारी से गुजरने वाले लगभग 5% युवतिया इसको  महसूस करती हैं. प्रीमेंस्ट्रूअल सिंड्रोम के लक्षण अमूमन 5 से 10 दिन पहले महसूस होते हैं और मासिक धर्म की शुरुआत के साथ खत्म हो जाते हैं. प्रीमेंस्ट्रूअल सिंड्रोम  एक सामान्य समस्या है जिसका कारक अभी ज्ञात नहीं है.

इसके कई कारक हो सकते हैं.

  1. हार्मोन की स्तर  में उतार-चढ़ाव होना
  2. मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटर्स या रसायन जैसे सेरोटोनिन के उतार-चढ़ाव के कारण ,सिरोटोनिंग की पर्याप्त मात्रा ना होने पर माहवारी से पहले थकान कमजोरी डिप्रेशन अनिद्रा की समस्या हो सकती है
  3. पीएमएस कारणों में डिप्रेशन भी हो सकता है
  4. इसके अलावा धूम्रपान ,पर्याप्त नींद का ना लेना
  5. अधिक नमक का सेवन या अधिक शुगर का सेवन
  6. कभी कभी स्वास्थ्य विकार भी हैं जिससे प्रीमेंस्ट्रूअल सिंड्रोम बढ़ सकता है जैसे कि अस्थमा माइग्रेन एलर्जी सर दर्द आदि

मुख्य लक्षण:-मुख्य लक्षण इस प्रकार है.

  1. पेट में सूजन,
  2. स्तन में दर्द ,
  3. मुंहासे,
  4. पेट दर्द, सिर दर्द ,
  5. मूड स्विंग, डिप्रेशन ,थकान नींद ना आना चिड़चिड़ापन,
  6. काम ना करने की इच्छा भावनात्मक रूप से कमजोर महसूस करना
  7. जोड़ों में दर्द पैरों में दर्द
  8. मांसपेशियों में दर्द
  9. पूरे शरीर में भी दर्द हो सकता है

पीएमएस का निदान:-  इसमें कोई शारीरिक परीक्षण या लैब टेस्ट की जरूरत नहीं होती है, लक्षणों के आधार पर ही और एक कैलेंडर के माध्यम से पिछले दो मासिक धर्म चक्र के रिकॉर्ड से निदान हो सकता है ,जरूरत पड़ने पर थायराइड के कार्यों की स्क्रीनिंग टेस्ट(TFT) किया जाता है .  कुछ दवाई डॉक्टर की सलाह पर से लेने पर मासिक धर्म सिंह रोग के लक्षणों को कम किया जा सकता है एक्सरसाइज करने से भी  सिंड्रोम के लक्षणों को कम कर सकते ,नमक की मात्रा कम करके ,इसके अलावा आसान घरेलू उपाय कर सकते हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं

यदि पेट में सूजन हो तो पर्याप्त पानी पिए ,संतुलित भोजन करें ,खाने में नमक और शुगर की मात्रा कम रखें ,फलों का सेवन करें , धूम्रपान का लेवल बंद कर दें ,इसके अलावा फोलिक एसिड विटामिन बी सिक्स कैलशियम मैग्निशियम आपकी भी मेंस्ट्रूअल सिंड्रोम के लक्षणों को कम कर सकते हैं.

परहेज और आहार

लेने योग्य आहार

  • रेशे की उच्च मात्रा वाले स्टार्चयुक्त आहार, जिनका शर्करा सूचकांक कम हो, अधिक मात्रा में लें – साबुत अनाज से बना दलिया और ब्रेड, होल वीट पास्ता, भूरा चावल, और अधिकतम तरह के फल और सब्जियाँ।
  • ट्रिप्टोफेन के बढ़िया स्रोतों में माँस, पोल्ट्री उत्पाद, मछली, अंडे, पनीर, मेवे और गिरियाँ हैं।
  • पीएमएस के लक्षणों को आरामदायक बनाए रखने में सहायता के लिए विटामिन बी6 से समृद्ध आहार लें जैसे कि चिकन, मछली (विशेषकर रूप से तैलीय मछली), नाश्ते हेतु दलिया, आलू, केले और मेवे।
  • कैल्शियम की समृद्ध मात्रा से युक्त आहार जैसे मलाई निकला दूध, कम वसायुक्त दही, कम वसायुक्त पनीर, सारडाइन, दालें, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, संतरे, मेवे और गिरियाँ।
  • पेट फूलना, स्तनों का ढीला और पीड़ायुक्त होना, और मिजाज में बदलाव को कम करने में मैग्नीशियम सहायक होता है। इसके उत्तम स्रोतों में भूरा चावल, होल वीट पास्ता, साबुत अनाज से बनी ब्रेड, मेवे और गिरियाँ हैं।
  • अजमोदा, प्याज़, अजवाइन, ककड़ी, जलकुम्भी, अस्पार्गस, टमाटर, गाजर, तरबूज और खरबूज आदि बढ़िया विकल्प हैं और वसा और कैलोरी में कम होने के कारण अतिरिक्त लाभकारी हैं।
  • भोजन को नमक के स्थान पर लहसुन, औषधियों या मसालों से स्वादिष्ट बनाएँ और नमकीन भोजन कम लें।

इनसे परहेज करें

  • अधिक नमक और उच्च वसा वाले आहार।
  • कॉफ़ी, चाय और कोला।
  • शक्कर की अधिक मात्रा वाले आहार।

योग और व्यायाम

व्यायाम नियमित करें। प्रत्येक सप्ताह में, आपको निम्नलिखित कार्य निश्चित ही करना चाहिए:

  • दो घंटे और 30 मिनट तक मध्यम-तीव्रता वाली शारीरिक क्रिया;
  • एक घंटा और 15 मिनट तक उच्च-तीव्रता वाली एरोबिक शारीरिक क्रिया; या
  • मध्यम और उच्च परिश्रमयुक्त गतिविधियों का सम्मिलन; और
  • दो या अधिक दिन मांसपेशियों को मजबूत करने वाली गतिविधियाँ।

ऐसी गतिविधि चुनें जो आपको थका दे, जैसे दौड़ लगाना, सीढ़ियाँ चढ़ना, या साइकिल चलाना। गहरी श्वास, मालिश, ध्यान या योगासन, जो कि शरीर और मन को विश्रांति देते हैं, का अभ्यास करें।

पीएमएस को दूर करने में सहायता करने वाले योगासन हैं:

  • शवासन
  • मकरासन
  • धनुरासन
  • सेतुबंध सर्वांगासन

संगीत और ध्यान

पीएमएस से जुड़े सिरदर्द और ऐंठन के दर्द को नियंत्रित करने में ध्यान सहायक होता है। शांति से बैठें और अपनी श्वास पर एकाग्र हों या ऐसी बात पर केन्द्रित हों जो आपको प्रसन्नता का अनुभव कराती हो और गहरी श्वास लें।

घरेलू उपाय (उपचार)

  • मासिक चक्र की डायरी रखें।
  • तंग या चुस्त कपड़े ना पहनें।
  • संतुलित स्वास्थ्यवर्धक आहार लें।
  • व्यायाम अधिक करें।
  • शरीर का वजन उचित बनाए रखें।
  • पर्याप्त नींद लें। प्रत्येक रात्रि 8 घंटे की नींद लेने का प्रयास करें।

Author: divyasingh0815

I, Divya Singh, is an active blogger. I am M. Pharma. in Pharmaceutical Chemistry. Professionally I am a Pharmacist and a Medical Content Writer in a Health Care Company. I enjoy playing with words. I like to write about health, medicines, and also regarding recent news.

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