Acidity or Acid reflux or Heartburn/

Acidity or Acid reflux or Heartburn

एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स एक बहुत ही सामान्य स्थिति है   जो मुख्य रूप से पेट या छाती (सीने) में जलन पैदा करती है , आमतौर पर जलन छाती के निचले हिस्से के आसपास महसूस होती है l पेट में अम्लीय पदार्थों का खाने की नली में आ जाना एसिडिटी का मुख्य कारण होता है l पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड नामक अम्ल होता है यह भोजन को  टुकड़ों में तोड़ देता है और बैक्टीरिया जैसे रोगजन से बचाता है l पेट की अंदरूनी परत शक्तिशाली होती है जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के प्रति अनुकूल होती है मगर एसोफगास परतें इस अम्ल के प्रति अनुकूल नहीं होती इसलिए इसमें जलन महसूस होने लगती है l बार बार एसिडिटी की समस्या को GERD कहा जाता है l

एसिडिटी के लक्षण:-

  1. सीने में जलन:- यह ग्रास नली में एक जलन जैसी महसूस होती है  और झुकने पर और बदतर हो जाती है l यह कुछ घंटों तक लगातार हो सकती है और भोजन करने के बाद बढ़ जाती है l सीने में जलन दर्द गर्दन जा गले के अंदर तक भी महसूस होने लगता हैl कई बार पेट का अम्लीय  पदार्थ गले तक भी वापस आ जाता है जिससे जलन के साथ साथ मुंह और गले का स्वाद भी बिगड़ जाता है l
  2. अत्यधिक डकार आना और मुंह का स्वाद कड़वा पड़ना या उल्टी और पेट फूलना l
  3. लगातार सूखी खांसी आना घरघराहट,गले की समस्याएं जैसे कि गले में खराश होना या आवाज भारी होना l
  4. गले में लंबे समय से दर्द, निगलने में कठिनाई , छाती और पेट में दर्द l
  5. पेट की एसिडिटी के कारण दांतों की परत को नुकसान हो सकता है
  6. सांसो में बदबू, काला मल या मल में खून, लगातार हिचकी आना बिना किसी कारण के वजन घटना l

डॉक्टर के पास कब जाएं :- निम्न परिस्थितियां होने पर डॉक्टर के पास जाना चाहिए l

  1. अगर एसिडिटी या  पेट में जलन की समस्या अधिक गंभीर हो और बार-बार होने लगती है l
  2. निगलने में  कठिनाई या दर्द महसूस होना खासकर ठोस भोजन या गोलियां आदि निगलने में l
  3. अगर आपका वजन तेजी से घट रहा हो जिसके कारण का पता ना हो l
  4. अगर आपको काफी समय से गले में दर्द   है या गले में घुटन जैसा महसूस होता है l
  5. अगर आप दो हफ्तों से भी ज्यादा समय से एंटी एसिड दवाई ले रहे हैं लेकिन एसिडिटी की समस्या अभी भी बनी हुई है l
  6. अगर आप का स्वर बैठ गया है घरघराहट महसूस हो रही है या आपको  अस्थमा और गंभीर हो गया है तो डॉक्टर को दिखाएं l
  7. अगर आपकी बेचैनी आपकी रोजाना की जीवन शैली और गतिविधियों में बाधा डालने लगी हैl
  8. अगर आपको छाती में दर्द के साथ साथ गर्दन जबड़े टांगो या बाजू आदि में दर्द महसूस हो रहा है दर्द के साथ साथ अगर आपको सांस लेने में कठिनाई कमजोरी नाडी अनियमित होना या पसीने आने से समस्याएं हैंl
  9. अगर आपको अत्यधिक पेट में दर्द है अगर आप को दस्त की समस्या है या काले रंग का मल आता है या मल में खून आता हैl

एसिडिटी के कारण :-

  1. एसिडिटी या पेट में जलन क्यों होती है? हर किसी को कभी ना कभी एसिडिटी की  समस्या होती है आमतौर से यह खान-पान से जुड़ी होती है l
  2. गर्भावस्था में भी एसिडिटी रिफ्लेक्स हो जाता है क्योंकि इस दौरान अंदरूनी अंगों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता हैl गर्भावस्था में अधिक खाने की वजह से भी एसिडिटी हो जाती है l
  3. अधिक तले हुए खाद्य पदार्थ भी एसिडिटी का कारण बन सकते हैं ज्यादा तला हुआ खाना खाने से भी पेट की समस्या हो सकती है l तला हुआ खाना पचने में ज्यादा समय लगाता है और पेट में अधिक देर तक रहता है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वह सा भोजन को आंतों तक जाने की गति को धीमा कर देती है इससे पेट में अम्ल बनने लगता है और एसिडिटी हो जाती है l
  4. अन्य जोखिम कारक
  1. मोटापा,
  2. धूम्रपान दूसरे व्यक्ति द्वारा किया गया धूम्रपान के संपर्क में आने से,
  3. नमक का अत्यधिक सेवन ,
  4. फाइबर युक्त आहार का कम सेवन,
  5. शारीरिक व्यायाम में कमी,
  6. कुछ दवाएं जिनमें मुख्य रूप से अस्थमा की दवाइया,  दर्द निवारक,रिलेटिव और एंटीडिप्रेसेंट की दवाएं शामिल हैं,
  7. शराब या कैफीन युक्त पदार्थ पीना,
  8. जरूरत से ज्यादा भोजन करना या सोने से तुरंत पहले खाना ज्यादा खाने से पेट में ज्यादा बनने लगता है और एसिडिटी हो जाती है

एसिडिटी से बचाव :- एसिडिटी होने से कैसे रोके ?कुछ खाद्य पदार्थों और खाने की आदतों में बदलाव लाकर एसिडिटी होने से रोका जा सकता है एसिडिटी रोकने के कुछ तरीके इस प्रकार हैं l

  1. अधिक से अधिक फल और सब्जियों का सेवन करें l
  2. एक बार खाने की बजाय थोड़ा-थोड़ा भोजन कई बार करेंl
  3. रात को सोने से करीब 1 से 2 घंटा पहले भोजन करना l
  4. शरीर का स्वस्थ वजन बनाए रखना व्यायाम करना 1 दिन में करीब 3 लीटर से ज्यादा पानी पीनाl
  5. खाना खाने से 30 मिनट पहले और खाना खाने के 1 घंटे बाद तक पानी ना पीना l
  6. टाइट बेल्ट और कपड़े नहीं पहनना चाहिए l

एसिडिटी का परीक्षण :- आमतौर पर जीवनशैली में बदलाव और एसिडिटी की दवाई देने के बाद सीने  में जलन के लक्षणों में किसी प्रकार का सुधार ना होता देख कर इसका निदान हो सकता है l एसिडिटी और सीने में जलन सामान्य समस्या है और उनका निदान करना भी काफी आसान होता है l हालांकि कई बार इनके कारण निमोनिया, दिल का दौरा और अन्य साँस  संबंधी समस्याओं का भी हो सकता है निम्न प्रकार की जांच करने की आवश्यकता हो सकती हैl

  1. एंडोस्कोपी विशेष प्रकार के कैमरे से तस्वीर लेना
  2. बायोप्सी
  3. बेरियम एक्स रे
  4. एसोफगस मैनोमीटर इंसीडेंस मॉनिटरिंग

एसिडिटी का इलाज:- पेट में जलन (एसिडिटी) के उपचार में अक्सर जीवनशैली में बदलाव ,दवाई  और बहुत ही कम मामलों में सर्जरी करने की आवश्यकता पड़ती है l उसके उपचार का मुख्य उद्देश्य लक्षणों को कम करना है जीवन की गुणवत्ता को सुधारना है, इसको ठीक करना है और किसी भी प्रकार की जटिलताओं से बचाव करना l दवाई साधारणतः एंटी एसिड यह दवाई केमिस्ट के यहां मिलती हैं यह दवाई कभी कभी यह होने वाली एसिडिटी की समस्या को नियंत्रित करने के लिए काफी होती है l यह दवाई पेट में बने अम्ल को बेअसर करने का काम करती हैंl अम्ल कम करने वाली दवाई आपके पेट में बनने वाले अम्ल की मात्रा में कमी करता है lइसके  के लिए मुख्य रूप से दो दवाओं का प्रयोग किया जाता है यह दवाई लक्षणों को कम करती हैंl इन दवाओं में प्रोटोन पंप इनहीटर, हिस्टामिन टू रिसेप्टर एंटागनिस्ट, प्रोकाइनेटिक एजेंट्स lसर्जरी उपरोक्त चारों से किसी प्रकार की मदद ना मिलने या उनके कारण कोई साइड इफेक्ट होने पर सर्जरी विकल्प हो सकता हैl

जीवनशैली में बदलाव:- एसिडिटी के लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए आप पोषण के साथ-साथ  जीवन शैली में कुछ बदलाव करके भी इसके लक्षणों को मैनेज कर सकते हैं और अम्ल के उत्पादन में कमी करने के लिए एंटी एसिड व अन्य प्रकार की दवाई देना, चिंगम चबाना लेकिन वह पिपरमिंट फ्लेवर वाली नहीं होनी चाहिए l खाना खाने के करीब 2 घंटे बाद तक लेटे नहीं बिस्तर पर जाने से पहले 3 घंटे पहले खाना खा ले, जरूरत से अधिक मात्रा में भोजन ना करें, एक बार में पेट भर कर खाने की बजाय थोड़ी थोड़ी मात्रा में कई बार खा लेना एसिडिटी के लक्षणों को कम करने का अच्छा तरीका है l सोते समय अपने सिर की तरफ को पैरों की तुलना में ऊंचाई पर रखने से एसिडिटी के लक्षणों की कमी की जा सकती हैl

एसिडिटी में क्या नहीं खाना चाहिए :- सूखे मेवे जैसे मूंगफली और मीठी चीजें जैसे चीनी शहद कुछ प्रकार के मसाले , सिरका ,हरी मिर्च ,काली मिर्च, दालचीनी संसाधित खाद्य पदार्थ और संसाधित पनीर, साबुत दाल ,शराब, गैस से भरे हुए पदार्थ कैफ़ीन वाले जैसे चाय और कॉफी नींबू और संतरा आदि l

एसिडिटी में क्या खाना चाहिए :- सब्जियां जैसे हरी बींस ब्रोकली गोभी हरी पत्तेदार सब्जियां आलू जीरा अदरक दलिया पर जो खट्टे ना हो जैसे खरबूज केला सेब नाशपाती आदि अंडे का सफेद भाग स्वास्थ्यवर्धक वसा के स्रोत हैं सन के बीच जैतून का तेल और सूरजमुखी का तेलl

Author: Dr.Ajay Kumar Singh

Dr. Ajay Kumar Singh was born on 2 Dec,1981 in Allahabad. He is an alumnus of GSVM Medical College Kanpur and MLN Medical College Allahabad. He worked for 8 years in the Uttar Pradesh Provincial services as Medical Officer. He offered his services at various place like Community Health Centre, Police Hospital, and Jail Hospital. He is a social thinker and writer. He is always ready to deliver his services to the needy person and patient. He works with the motto of making the healthy and happy society.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s