दिल की देखभाल कैसे करे .

स्वस्थ ह्रदय एक स्वस्थ शरीर का आधार होता है इसलिए शरीर को स्वस्थ होने के लिए ह्रदय का स्वस्थ होना अतिअवाश्यक होता है l ह्रदय को स्वस्थ रखने के लिए खानपान के साथ साथ ब्यायाम और जीवनशैली में सुधार करना बहुत जरुरी है । आजकल की भागदौड़ और तनावयुक्त  जिंदगी में हृदय संबंधी रोगों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है l कुछ आवश्यक बातो पर ध्यान देकर ह्रदय सम्बन्धी विकारो से बचा जा सकता है

1.नियमित व्यायाम

हृदय की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से व्यायाम बहुत जरूरी है। इससे हृदय की मांसपेशिया तो मजबूत होने के साथ ही  धड़कन प्रक्रिया बेहतर तरीके से होती है, साथ ही शरीर में  रक्त का प्रवाह बना रहता है जिससे शरीर को  आसानी से ऑक्सीजन प्राप्त होता है, जिससे आपकी कार्यक्षमता बढ़ती है और ताकत मिलती है। कभी भी अपने शरीर पर अत्यधिक भार मत लें। अगर आपको कुछ समय के लिए थकावट महसूस हो रही है तो कार्य शुरू करने से पहले शरीर को 15 मिनट का आराम दें। जिससे आपकी कार्यशक्ति वापस बढ़ सके।

2.धूम्रपान और अल्कोहल छोड़ें

धूम्रपान और अल्कोहल करने वाले व्यक्तियों में दिल का दौरा या आकस्मिक हृदय रोग से मृत्यु होने की संभावना आम व्यक्तियों की तुलना में दुगुनी होती है। धूम्रपान छोड़ देने के 10 वर्षो के अंदर इन बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। तो आप अभी से ही धूम्रपान से मुक्त होने के लिए कदम क्यों नहीं उठातीं।

3.वजन पर करें नियंत्रण

ह्रदय को स्वस्थ रखने के लिए वजन का नियंत्रण आवश्यक है ,मोटे लोगो में ह्रदय रोग होने की सम्भावना बढ़ जाती है lयदि आपका वजन अधिक है तो आपके हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और उसे शरीर में रक्त के प्रवाह को बनाये रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है जिसके लिए उसे जोर  से धड़कना पड़ता है। अधिक वजन का कारण असंतुलित भोजन और व्यायाम की कमी है, जिससे कई अन्य रोग भी जन्म लेते हैं। इससे बचाव का सबसे अच्छा तरीका है, ताजे फल, हरी सब्जियां, संतुलित भोजन का सेवन और नियमित व्यायाम।

 4.वसा के प्रयोग में कमी करे

वसा का कम से कम प्रयोग हृदय को कई रोगों से बचाता है। रक्त में कोलेस्ट्रोल बढ़ने से रक्तवाहिनियो में एथिरोस्क्लिरोसिस हो जाती है जो हृदय में रक्त के प्रवाह को कम करती है lह्रदय को शरीर में प्रवाह बनाये रखने के लिए अधिक परिश्रम करना पड़ता है l अगर आप शुरू से ही कम वसा के इस्तेमाल का नियम बना लें तो हृदय संबंधी गंभीर रोगों से बचाव कर सकते है l पशुओं से प्राप्त पदार्थो जैसे मांस, मक्खन, चीज में वसा अधिक पाई जाती है, साथ ही पकाए गए बिस्कुट या केक में भी यह अधिक होता है। इनसे शरीर में कोलस्ट्रॉल की मात्रा तो बढ़ती  है l

5.तनाव से बचे

तनावग्रस्त रहना स्वस्थ जीवन का शत्रु  है। कल्पना कीजिए जैसे कि आप अत्यधिक चीजों को एकसाथ नहीं संभाल पाते हैं वैसी ही स्थिति आपके हृदय के साथ भी हो सकती है। रोज का अत्यधिक तनाव ब्लड प्रेशर को तो बढ़ाता ही  है  साथ ही साथ यह हृदय की मांसपेशियों को भी प्रभावित करता है। इसलिए तनावमुक्त रहने का प्रयत्‍‌न करें, पर्याप्त नींद लें और साथ ही आराम के लिए भी समय रखें। तनाव से बचने के लिए ध्यान करें, यह आपके लिए लाभदायक होगा।

6.भोजन में फल और मछली का इस्तेमाल करे

स्वस्थ हृदय के लिए जरूरी है कि रोज आपके भोजन में कम से कम पांच प्रोटीनयुक्त फल और सब्जियां हों। ये विटामिन व प्रोटीनयुक्त होते हैं जो कि एलडीएल को कम करने में सहायक होते हैं तथा कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकते हैं। हृदय को स्वस्थ व स्वच्छ रखने के लिए सभी आवश्यक तत्व फलों में होते हैं। इसलिए फलाहार जरूर करें। ट्राउट, सालमन या टुना जैसी ऑयली मछली में ओमेगा 3 और ओमेगा 6 के जरूरी तत्व होते हैं, जो कि कोरोनरी हृदय रोग के लिए दिए जाते हैं और ये रक्त के थक्के बनने से रोकथाम में मदद करता है। 

7. कम करें नमक का सेवन

शरीर में सोडियम की मात्रा सही अनुपात में बनाएं रखने के लिए भोजन में नमक की कुछ मात्रा होना जरूरी है, पर ज्यादा तेज नमक हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग का कारण भी बन सकता है। अपने भोजन में ज्यादा नमक न लें और ज्यादा नमकीन नाश्तों का सेवन भी कम करें। पोटेशियम के लिए फल व सब्जियां अच्छे स्त्रोत हैं जो प्राकृतिक रूप से आपके शरीर में सोडियम की मात्रा बनाए रखने में सहायक होते हैं।

Author: Dr.Ajay Kumar Singh

Dr. Ajay Kumar Singh was born on 2 Dec,1981 in Allahabad. He is an alumnus of GSVM Medical College Kanpur and MLN Medical College Allahabad. He worked for 8 years in the Uttar Pradesh Provincial services as Medical Officer. He offered his services at various place like Community Health Centre, Police Hospital, and Jail Hospital. He is a social thinker and writer. He is always ready to deliver his services to the needy person and patient. He works with the motto of making the healthy and happy society.

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